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क्या आप जानते है के Computer Processor क्या है



क्या आप जानते है के Computer Processor क्या है ? जब भी हम किसी कंप्यूटर या लैपटॉप  को खरीदने की बात करते है तो उसके प्रोसस्सेर के बारे में जरुर पूछते है . एक computer किसी processor के बिना मुमकिन ही नहीं है. हाँ ये बात जरुर ठीक है की किसी किसी processor की efficiency कम होती है तो कुछ की ज्यादा होती है. लेकिन सभी कंप्यूटर के लिए processor होना अनिवार्य है. इस processor के कई नाम है जैसे की CPU, central processor और microprocessor CPU यानि इसका Full Form है Central Processing Unit. यूँ कहे तो ये किसी कंप्यूटर का दिमाग होता है जो सारे गतिविधयों पर नज़र रखे हुए होता है. ये सारे instructions जिसे ये Hardware और Software से पाता है उसे ये handle करता है. देखा जाये तो basically ये एक ऐसा Hardware है जो सारे calculation बहुत जल्दी करता है जब उसे कुछ input मिले तब उसे process करता है और कुछ calculation करने के बाद result निकलता है.

Processor क्या है

Processor कंप्यूटर का एक बहुत ही प्रमुख अंग है. इसे computer का मस्तिस्क भी कहा जाता है. ऐसा इसलिए क्यूंकि computer के भीतर हो रही सारी गतिविधियों की खबर इसके पास होती है, यूँ कहे तो ये ही इन सारी चीज़ों को control करता है. ये एक समय में trillions of Calculation को process कर सकता है. ये Software और Hardware के बीच हो रही interpretation को समझ उसे process कर हमें Output देता है. ये सारी devices के अन्दर होता है जैसे Mobile, Tablets, Personal Computers, Laptops. इसे CPU के नाम से भी जाना जाता है.
    ये दिखने में एक Square Shaped device है, जिससे की कई metallic, short और rounded Connectors निचे निकले हुए होते हैं. इसे CPU के Socket में ही attach किया जाता है. बहुत देर चलने के बाद ये थोडा ज्यादा गरम हो जाता है इसी कारण ये heat को निकलने के लिए एक heat sink और Fan इसके ऊपर लगाया जाता है. ये बहुत ही नाज़ुक से चीज़ होती है जिस कारण इसे बड़े ध्यान से Motherboard में लगाया जाता है. ये बहुत से प्रकार के आते हैं जैसे की Intel के Processor i3i5 और i7 हैं.

    History of Processor in Hindi

    Intel ने ही दुनिया में सबसे पहले पहला Single-Chip Microprocessor design किया था सन 1971में. इसे Intel के तीन Engineers Federico Faggin, Ted Hoff और Stan Mazo ने Invent किया था. ये चिप जिसका नाम था Intel 4004 Microprocessor को कुछ ऐसे ढंग से design किया गया था की एक ही chip में सारे processing function जैसे CPU, Memory और Input and Output Control को रखा गया था. धीरे धीरे समय के साथ नयी नयी आविस्कारें हुई जिससे की Computer के डिजाईन में काफी बदलाव आयीं. इनकी कार्य करने की क्ष्य्मता बढ़ गयी और इनकी size कम गयी. अब के दोर में Intel, Processor की दुनिया का बादसाह है. ये हर variety के Processor बनाते हैं लोगों के जरूरतों के अनुसार.

    CPU क्या करता है

    CPU basically तिन basic काम करता है पहला ये information लेता है, दूसरा ये उसपे कुछ operation करता है और तीसरा calculation के बाद result देता है. लेकिन इन तीनों process को करने के लिए इसे कुछ key Components का use करना पड़ता है. ALU (Arithmetic and Logic Unit) binary में subtraction और addition करते हैं. इसके साथ वो कुछ logical operation भी करते हैं जैसे AND,NOT and OR, CPU की मदद के लिए. Control Circuit data traffic को CPU से slower Input/Output devices के तरफ direct करते हैं, ताकि ट्रैफिक का आदान और प्रदान हो सके. Memory Management Unit data के flow को monitor करता है to and from Memory.

    Types of CPUs

     

    पिछले कुछ वर्षों में CPU के कई प्रकार की आविस्कर हो चुकी है. जैसे जैसे समय बीतता गया वैसे वैसे requirement के अनुसार नए CPU आते गए. पहले processor को पहचानने के लिए number इस्तमाल किया जाता था. जैसे उदहारण के तोर पे Intel 80486 (486) processor बहुत ही ज्यादा तेज है 80386 processor से. जब से Intel ने Pentium Processor (Technically ये 80586 वाले हैं ) निकला है तब से Processors के नाम कुछ इस प्रकार हैं जैसे Athlon, Duron, Pentium और Celeron.
    आजकल तो नाम के साथ साथ इनकी Architecture भी बदल गयी है, आमतोर से अब दो ही प्रकार के Architecture वाले Processor का इस्तमाल काफी किया जाता है जैसे 32 Bit और 64 Bit. इन architecture की बदौलत अब processor की Speed और Capabilities भी काफी बढ़ गयी है. जैसे AMD Opteron series और Intel Itanium, Xeon Series वाले processor को Server और High-end Station में इस्तमाल किया जाता है. और अगर बात की जाये छोटे device जैसे Smart Phones और Tablets तो वो ARM Processor का इस्तमाल करते हैं. ये processor आम तोर से size में छोटे होते हैं, इन्हें कम Power की जरुरत होती है और ये बहुत ही कम heat पैदा करते हैं.

    Processor कैसे काम करता है

    Processor के डिजाईन आम तोर से काफी complex होते हैं, और ये company से company बहुत vary करते हैं यहाँ तक की इनकी एक model दुसरे से काफी अलग होती है. अभी मार्किट में दो company जैसे Intel और AMD के processor काफी डिमांड में है. ये दो कंपनी हमेशा यही कोशिस में लगे रहते हैं की कैसे Processor की performance को ज्यादा बेहतर बनाये वो भी कम जगह और energy इस्तमाल कर. लेकिन इतनी सब architectural differences होने के वाबजूद Processor को मुख्य रूप से चार Process से गुजरना पड़ता है, और तभी जाकर वो instructions को process कर सकते हैं. ये चार process हैं fetch, decode, execute और Write-back. अब में आप लोगों को इन सारे process के बारे में बताऊंगा. .

    1. Fetch

    Fetch जैसे की इसका मतलब है किसी चीज़ को लाना. यहाँ Processor Core instructions को retrieve करता है जो की waiting में रहते हैं किसी memory में. पर आजकल के Modern Processor में usually वो instructions पहले से ही wait कर रहे होते हैं Processor Cache में. Processor में एक area होता है जिसे Program Counter कहते हैं जो किसी bookmark के तरह ही काम करता है, जो की processor को ये बात सूचित करता है की कहाँ last instruction खत्म हुई और कहाँ next वाली शुरू हुई.  .

    2. Decode

    एक बार instruction Fetch हो गयी तब next process है उसे decode करने का. एक instruction में processor core के कई area होते हैं जैसे arithmetic और जिन्हें processor core को पह्चानना पड़ता है. सभी part में कुछ ऐसा भी होता है जिसे Opcode कहते हैं जो processor को बताता है की क्या करना है उस instruction को इस्तमाल कर के. एक बार Processor ये पहचान ले की उसे क्या करना है तब वो अपने आप ही सारे चीज़ें कर लेता है.

    3. Execute

    इस step में Processor को पता होता है उसे क्या करना है, और वो actually उसे कार्यकारी करता है. यहाँ actually में क्या होता है ये इस बात पर निर्भर करता है की इसमें Processor Core का कोन सा area use में आता है और इसमें क्या information डाला जाता है. उदहारण के तोर पे Processor किसी arithmetic operation करने के लिए ALU का इस्तमाल करता है. माने की ये operation ALU के भीतर ही होता है. ये unit दुसरे input और output से जुड़ा होता है ताकि ये अपना काम को आसान कर सके और finally हमें हमारा रिजल्ट सही समय में दे सके.

    4. Writeback

    ये आकिर स्टेप भी कहा जा सकता है जैसे की इसका नाम है इसका काम भी समान है जो की आकिर में पहले किये गए तीनों कार्य का result को memory में प्लेस करता है. ये पता करना की आकिर में output गया कहाँ ये depend करता है की उस समय कोन सी application run हो रही है. पर ये आम तोर से processor के register में ही होता है क्यूंकि इसकी जरुरत बहुत ही ज्यादा होती है तो quick access के लिए इस यहाँ रखा जाता है.
    ये पुरे Process को Instruction Cycle कहा जाता है. जैसे जैसे हम तरक्की कर रहे हैं वैसे वैसे हमारे पास और भी बेहतर Processor आ रहे जो की बहुत ही ज्यादा Fast और powerful हैं. हमारी CPU को कुछ इस प्रकार बनाया गया है की ये बहुत किसी भी कार्य को divide कर देता है ताकि इसे जल्दी से जल्दी process कर सके. और नए आविष्कारों से ये बिलकुल संभव भी लगता है.

    Conclusion

    निकट के भविष्य में हमें और भी बेहतर Processor देखने को मिलेंगे. क्यूंकि आजकल सभी Processor की company इसी बात में ज्यादा ध्यान दे रही है की कैसे कम समय में ऐसी Processor  डिजाईन कर सकें जिसे की कम Space और कम शक्ति में भी operate किया जा सके. और ये ज्यादा से ज्यादा efficient हो. अगर हम पहले ज़माने की Processor को आज की design से compare करें तो हम काफी हद तक इस mission में successful हो चुके हैं और उम्मीद है की future में इससे भी ज्यादा efficiency वाली Processor बना सकेंगे.